भारतीय किसान यूनियन करनाल की हुई अहम मीटिंग, किसानों की समस्याओं पर किया विचार विमर्श

करनाल, 4 दिसम्बर (राजेंद्र कुमार): आज भारतीय किसान यूनियन की मीटिंग किसान भवन करनाल में हुई। मीटिंग में किसानों की समस्याओं पर विचार विमर्श किया गया। मीटिंग की अध्यक्षता सेवा सिंह आर्य ने की। मीटिंग में किसानों ने बोलते हुए कहा है कि राज्य सरकार के कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा जो शब्द किसानों के विरोध में कहे गए उनकी पूरजोर से निंदा की गई। किसानों ने यह भी कहा ऐसे मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए जिसको बोलने की सभ्यता नहीं है। उन्होंने जो शब्द किसानों के बारे में कहे वह बहुत ही निंदनीय हैं इसलिए मंत्री पद पर उनका रहने का कोई औचित्य नहीं रहा। जिस आदमी को बोलने का ही नहीं पता उसको माननीय पद पर नहीं बिठाना चाहिए मुख्यमंत्री जी को तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करके उनको बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए और जेपी दलाल जी को यह पता होना चाहिए आम जनता भी यदि उन्हीं की भाषा बोलने लगे तो उनको छुपने का भी स्थान नहीं मिलेगा वह तुरंत अपने शब्दों को वापस लेकर किसानों से माफी मांगे।
आगे किसानों ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए क्योंकि किसान सरकार के गलत नीतियों के कारण कर्ज की दलदल में फंसे हैं और आज कर्ज इतना बढ़ चुका है कि किसानों को उससे बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कर्ज की वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं जो देश के लिए एक बहुत ही अशुभनीय कार्य है। किसानों का पिछला कर्ज माफ करके नया कर्ज बिना ब्याज का दिया जाना चाहिए।
किसानों को फसलों के लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य नहीं मिलेंगे तब तक किसान खुशहाल नहीं हो सकता ।
नकली खाद, बीज, दवाई जो दुकानों पर बिक रहा है उसकी जांच की जाए जिनके पास भी यह मिले उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए
बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की तुरंत भरपाई की जाए।
भूमि अधिग्रहण कृषि योग्य भूमि का नहीं होना चाहिए, यदि मजबूरी में करना भी पड़े तो किसानों की सहमति लेना जरूरी हो
. राष्ट्र्रीय राजमार्ग जो निकाले गए हैं और किसानों की भूमि दो तरफ बन चुकी है आवारा पशुओं को तुरंत गौशाला या उनके बाड़े बनाकर उनमें रखे जाएं ताकि किसानों की फसलों का नुकसान ना हो।
आज की मीटिंग में सेवा सिंह आर्य प्रदेश अध्यक्ष, मास्टर रामकुमार जनरल सेक्रेटरी, रामधारी, राजेंद्र सिंह, अरविंद आर्य, बाबूराम, नफे सिंह, राजपाल प्रधान इंद्री, लखपत राय, लखीराम, धर्म सिंह, टेकचंद, बलबीर सिंह, प्रेम सिंह आदि किसानों ने भाग लिया



