जनजातीय उप-योजना के महत्व पर जोर देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा…

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को बोला कि आदिवासियों ने मातृभूमि और इसकी प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा की रक्षा के लिए बहुत सारे बलिदान दिए हैं. साथ ही उन्होंने अन्य लोगों से सतत विकास हासिल करने के लिए उनके उदाहरण से सीखने की अपील की. 
राष्ट्रपति भवन में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सदस्यों के साथ वार्ता के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने शिक्षा के महत्व पर ज्यादा जोर देते हुए उन्हें अहमियत देने का आग्रह किया.
राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में बोला कि राष्ट्रपति ने सभी 75 पीवीटीजी के प्रतिनिधियों से एक साथ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और बोला कि उनमें से कई पहली बार अपने गांवों से बाहर निकले हैं.उन्होंने पीवीटीजी समुदाय का समर्थन करने के लिए गवर्नमेंट के प्रयासों जैसे एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में आरक्षित सीटों के प्रावधान और राष्ट्रीय फैलोशिप और विदेशी छात्रवृत्ति योजना पर प्रकाश डाला. राष्ट्रपति मुर्मू ने पीवीटीजी स्त्रियों को जनजातीय स्त्री सशक्तिकरण योजना सहित विभिन्न योजनाओं का फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया.


