महारैली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बाेला

दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण से जुड़े अध्यादेश के विरूद्ध रविवार को रामलीला मैदान में अाम आदमी पार्टी (आप) की महारैली में सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर जोरदार हमला बाेला. केजरीवाल ने कहा, ‘मोदीजी का यह काला अध्यादेश कहता है कि मैं लोकतंत्र को स्वीकार नहीं करता. जब पीएम कहते हैं कि वह उच्चतम न्यायालय के निर्णय को स्वीकार नहीं करते, तो यह हिटलरशाही है.’ आप नेता ने बोला कि सबसे पहले दिल्ली पर ‘वार’ किया गया है. दिल्ली की जनता के अधिकार छीनने वाले इस अध्यादेश का यदि विरोध नहीं किया गया तो राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे अन्य राज्यों के लिए भी इसी तरह के अध्यादेश लाए जाएंगे.
केंद्र के अध्यादेश को दिल्ली के लोगों का अपमान बताते हुए उन्होंने बोला कि अब दिल्ली में अत्याचारी शासन होगा. अब दिल्ली के लोग नहीं, बल्कि उपराज्यपाल सर्वोच्च हैं. भयंकर गर्मी के बीच हजारों लोग महारैली में भाग लेने के लिए रामलीला मैदान में एकत्र हुए, जिसमें पंजाब के सीएम भगवंत मान के साथ-साथ आप के वरिष्ठ नेता उपस्थित थे. राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी इस रैली में शिरकत की.
हमारे पास सौ सिसोदिया और जैन : आप नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर केजरीवाल ने बोला कि दोनों नेताओं को दिल्ली के काम रुकवाने के लिए अरैस्ट किया गया, लेकिन हमारे पास 100 सिसोदिया, 100 जैन हैं. हम अच्छे काम जारी रखेंगे.
सिब्बल का तंज- यह डबल बैरल की सरकार
पंजाब के सीएम भगवंत मान ने बीजेपी पर हमला करते हुए उसे ‘भारतीय जुगाड़ पार्टी’ बताया, जो सिर्फ सरकारों को गिराना जानती है. राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी से लड़ने के लिए विपक्षी एकता पर जोर दिया. उन्होंने दावा किया, ‘वे डबल इंजन वाली सरकारों की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में यह डबल बैरल गवर्नमेंट है जिसमें एक बैरल CBI और दूसरी प्रवर्तन निदेशालय है.’
21 वर्ष बनाम 8 साल
केजरीवाल ने कहा, ‘मोदीजी गुजरात के सीएम के रूप में और फिर पीएम के रूप में कुल 21 सालों से सत्ता में हैं. केजरीवाल आठ वर्ष से सत्ता में है. किसने लोगों के लिए अधिक काम किया है? उन्होंने पूरी शक्ति होने के बावजूद उस तरह का काम नहीं किया, जैसा मैंने किया है.’
लोकतंत्र बचाने का आंदोलन होगा सफल
आप प्रमुख ने कहा, ‘12 वर्ष पहले इसी रामलीला मैदान से करप्शन के विरूद्ध आंदोलन सफल हुआ था. लोकतंत्र और संविधान को बचाने का जो आंदोलन आज इस मंच से प्रारम्भ हो रहा है, वह भी सफल होगा.’


