दुनिया भर के 20 ताकतवर देशों के विकास मंत्रियों को सबसे पहले पीएम मोदी ने किया संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जी-20 राष्ट्रों के विकास मंत्रियों की बैठक का सोमवार को शुरुआत हुआ. तीन दिनों के लिए काशी पहुंचे पूरे विश्व के 20 शक्तिशाली राष्ट्रों के विकास मंत्रियों को सबसे पहले प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया. अपने वीडियो संबोधन में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि काशी में ही क्यों यह बैठक रखी गई है.
मंत्रियों का स्वागत करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि लोकतंत्र की जननी के सबसे पुराने जीवित शहर काशी में जी-20 विकास मंत्रियों की बैठक के लिए उपयुक्त जगह है. काशी सदियों से ज्ञान, चर्चा, वाद-विवाद, संस्कृति और अध्यात्म का केंद्र रहा है. इसमें हिंदुस्तान की विविध विरासत का सार है और यह राष्ट्र के सभी हिस्सों के लोगों के लिए एक अभिसरण बिंदु के रूप में कार्य करता है. 
प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बोला कि मुझे खुशी है कि जी-20 का विकास एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है. अंतरराष्ट्रीय दक्षिण के लिए विकास एक प्रमुख मामला है. मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सतत विकास लक्ष्यों को पीछे न जाने दें. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न रहे.
इससे पहले रविवार और सोमवार की सुबह कई राष्ट्रों के प्रतिनिधि विशेष विमानों से वाराणसी पहुंचे. रविवार को विदेशी अतिथियों ने वाराणसी की सुन्दर गंगा आरती देखी. इस दौरान क्रूज से विदेशी अतिथि विदेश मंत्री जयशंकर के साथ दशाश्वमेध घाट पर पहुंचे. इस दौरान काशी के कई गंगा घाटों पर देव दिपावली जैसा नजारा दिखाई दिया. गंगा पार सुन्दर आतिशबाजी भी की गई. गंगा आरती के दौरान भी घाटों पर लाल कालीन बिछाई गई और भव्य सजावट की गई.
वाराणसी के लालपुर स्थित जिस ऑडिटोरियम पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल (टीएफसी) में बैठक का आयोजन हो रहा है उसका शिलान्यास और उद्घाटन भी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही किया था.
विकास बनाए रखान सामूहिक जिम्मेदारी
विकास मंत्रियों को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि विकास को बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है. हिंदुस्तान अपने अनुभव बांटने को तैयार हैं. पर्यावरण पर ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण है. हम नदियों, पेड़ों का सम्मान करते हैं. लैंगिक समानता बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बोला कि हमारे कोशिश व्यापक, समावेशी, निष्पक्ष और टिकाऊ होने चाहिए. हिंदुस्तान में, हमने 100 से अधिक आकांक्षी जिलों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के कोशिश किए हैं, जो अविकसित थे.
उन्होंने बोला कि डेटा विभाजन को पाटने में सहायता करने के लिए प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण एक जरूरी उपकरण है. हिंदुस्तान में डिजिटलीकरण ने क्रांतिकारी बदलाव लाया है. हिंदुस्तान भागीदार राष्ट्रों के साथ अपने अनुभव साझा करने को तैयार है. पीएम ने जी-20 विकास मंत्रियों से विकास के इस माडल का शोध करने का आग्रह करते हुए बोला कि यह प्रासंगिक हो सकता है, क्योंकि आप एक्सेल रेटिंग एजेंडा 2030 की दिशा में काम करते हैं.
आपके सामने जरूरी मुद्दों में से एक बढ़ता हुआ डेटा विभाजन है. सार्थक नीति- निर्माण, कुशल संसाधन आवंटन और कारगर सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए उच्च-गुणवत्ता वाला डेटा जरूरी है. बैठक का नेतृत्व हिंदुस्तान के विदेश मंत्री डॉ एस। जयशंकर कर रहे है. विकास मंत्रियों के साथ फ़ोटो सेशन भी हुआ


