इस मंदिर मे हिन्दू और मुसलमान दोनों समाज के लोग करते है परिक्रमा

कृष्ण कुमार / नागौर। देवी-देवताओं की दिव्य और चमत्कारिक शक्तियों के बारें में आप ने अक्सर सुना होगा। लेकिन हम आपको एक ऐसे देवता की अद्भुत शक्ति से रुबरु करवाने जा रहे है। जिनकी दिव्य शक्ति के सामने हर ग्रामीण नतमस्तक है। यह है नागौर के सोमणा गांव में बना भैरुजी का मंदिर, जहां सभी धर्मों के लोग परिक्रमा करने के लिए आते हैं।
इस मंदिर की स्थापना लगभग 900 साल से अधिक समय की मानी जाती है। इस मंदिर में भैरुजी की मूर्ति जमीन से निकली थी। मंदिर की स्थापना गांव की स्थापना के समय से मानी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मंदिर में हिन्दू और मुसलमान और अन्य सभी धर्मों के लोग आकर परिक्रमा और पूजा करते है। वहीं ग्रामीणों का मानना है कि भैरुजी गांव को तूफान और ओलावृष्टि से बचाते है और बारिश नहीं होने पर बारिश भी करवाते है।
हिन्दू और मुसलमान दोनों समाज के लोग परिक्रमा करते हैं
भैरुजी के इस जगह की मान्यता है कि हर ग्रामीण शुभ काम करने से पहले भैरुजी का याद करते है। यह मंदिर अपनी खास चमत्कारिक शक्ति के लिए जाना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि गांव में किसी भी समाज यदि विवाह हो तो दूल्हा बारात ले जाने से पहले भैरुजी के मंदिर में आकर परिक्रमा देनी पड़ती है। यदि आदमी ऐसा नहीं करता है तो उसकी वाहन उस जगह से आगे जा नहीं पाती है। साथ ही उसके जीवन में भी कई परेशानियां आ जाती है। ग्रामीण कैलाश बताते है कि एक बार भवाद गांव से यहां पर सोमणा गांव में बारात आई, लेकिन उन्होंने यहां पर परिक्रमा नहीं दी तो दूल्हें की वाहन खराब हो गई और बारात में आई हुई बस तीन दिन तक सोमणा गांव में खराब खड़ी रही। बाद में बस मालिक ने आकर यहां पर नारियल चढ़ाकर अपनी गलती मानी।
कैलाश ने बताया कि गांव में रहने वाले किसी भी धर्म के आदमी की विवाह हो तो हर समाज का दूल्हा यहां पर परिक्रमा करता है। इस मंदिर में हिन्दू और मुसलमान दोनों समाज के आदमी परिक्रमा करते है। इस मंदिर की एक ओर खास बात है यदि कोई आदमी इस मंदिर के प्रसाद चढ़ाते और प्रसाद खा लेते है तो इस मंदिर में साल में एकबार परिक्रमा लगानी ही पड़ती है। यह धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ मामला है।



