सरकार ने लाभार्थियों के आंकड़ों में सेंध लगने वाली खबरों को बेबुनियाद बताकर की खारिज

सरकार ने कोविन पोर्टल को एकदम सुरक्षित बताते हुए दर्ज़ लाभार्थियों के आंकड़ों में सेंध लगने का दावा करने वाली खबरों को आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया. साथ ही बोला कि राष्ट्र की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी ‘सर्ट-इन’ ने मुद्दे की समीक्षा की है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में बोला कि कोविन पोर्टल डेटा गोपनीयता के लिए पर्याप्त सुरक्षा तरीकों के साथ पूरी तरह से सुरक्षित है. कोविन पोर्टल में डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं और उठाए जा रहे हैं.’ कोविन के मौजूदा सुरक्षा तरीकों की समीक्षा के लिए एक आंतरिक कवायद प्रारम्भ की गई है.
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर कोविन डेटा में कथित सेंधमारी को लेकर कुछ खबरों के संदर्भ में बोलना चाहता हूं कि भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) ने तुरंत कदम उठाया और मुद्दे की समीक्षा की है तथा ऐसा नहीं लगता कि कोविन एप या डेटाबेस सीधे तौर पर सेंध का शिकार हुआ है.’
चंद्रशेखर ने खबरों को खारिज करते हुए बोला कि एक टेलीग्राम बॉट टेलीफोन नंबर की एंट्री पर कोविन एप का विवरण दिखा रहा था. मंत्री ने कहा, ‘डेटा को बॉट द्वारा एक थ्रेट अभिनेता डेटाबेस से एक्सेस किया गया, जिससे ऐसा लगता है कि इसे पूर्व में चोरी किए गए डेटा के साथ जोड़ा गया है. ऐसा नहीं लगता कि एप या डेटाबेस में सीधे तौर पर सेंधमारी हुई है.’
डेटा उल्लंघन के दावों की जांच हो : विपक्ष
विपक्षी दलों ने बोला कि इस मुद्दे की जांच होनी चाहिए. कांग्रेस पार्टी नेताओं ने ‘आपराधिक लापरवाही’ का आरोप लगाया. पार्टी सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, ‘भारत गवर्नमेंट नागरिकों की निजता को नजरअंदाज कर रही है. Covid-19 का टीका लगवाने वाले हर भारतीय का निजी डेटा सार्वजनिक रूप से मौजूद है. हिंदुस्तान गवर्नमेंट डेटा सुरक्षा विधेयक पर कदम क्यों नहीं उठा रही है?’ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता साकेत गोखले ने कहा, यह गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बोला कि इस मुद्दे की गहन जांच होनी चाहिए.


